Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
चोट या सरà¥à¤œà¤°à¥€ के घाव को जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद करेंगे ये 5 पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके
à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट या सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद होने वाले बड़े घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ में शरीर को समय लगता है। ये 5 नैचà¥à¤°à¤² उपाय अपनाकर आप घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को तेज कर सकते हैं।
छोटी-छोटी गलतियों के कारण हलà¥à¤•ी-फà¥à¤²à¥à¤•ी चोट हमें आती रहती है, जिसका घाव अपने आप à¤à¤° जाता है। मगर कई बार à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट या किसी सरà¥à¤œà¤°à¥€ के कारण जब कोई बड़ा घाव आपके शरीर में हो जाà¤, तो उसे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके से à¤à¤°à¤¨à¥‡ में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लगता है। इस दौरान आपको बहà¥à¤¤ à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतनी पड़ती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि घाव में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। आमतौर पर à¤à¤¸à¥‡ बड़े घावों को à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठदवाओं, रेगà¥à¤²à¤° मरहम-पटà¥à¤Ÿà¥€ आदि तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद से आप करते ही हैं। मगर यदि आप कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपाय अपनाà¤à¤‚, तो आप घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (हीलिंग) को तेज कर सकते हैं। आइठआपको बताते हैं तेजी से घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठ5 नैचà¥à¤°à¤² तरीके।
गरà¥à¤® सेंक
चोट या सरà¥à¤œà¤°à¥€ के घाव को पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से अचà¥à¤›à¥€ तरह ढककर रखना चाहिà¤, ताकि इंफेकà¥à¤¶à¤¨ न फैले। मगर घाव को तेजी से à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठआप इसके आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर हलà¥à¤•े गरà¥à¤® कपड़े/हॉट वाटर बॉटल आदि से सेंक लगा सकते हैं। गरà¥à¤® तापमान के कारण पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ में रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ (बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨) तेज हो जाता है, जिसके कारण डैमेज सेलà¥à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ रिपेयर होती हैं।
हेलà¥à¤¦à¥€ खाना
घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठशरीर तेजी से नठसेलà¥à¤¸ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करे, इसके लिठजरूरी है कि आप अपनी डाइट को अचà¥à¤›à¤¾ रखें। खानपान में कà¥à¤› खास चीजें शामिल करके आप अपने शरीर को नठसेलà¥à¤¸ बनाने के लिठतैयार कर सकते हैं, जैसे- हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, मीट, संतरा, पीली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ (दूध, पनीर, दही, योगरà¥à¤Ÿ, चीज़ आदि)। ये सà¤à¥€ फूडà¥à¤¸ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, विटामिनà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं, इसलिठशरीर के लिठà¤à¥€ फायदेमंद साबित होते हैं।
लहसà¥à¤¨ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— बढ़ा दें
लहसà¥à¤¨ को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से खून को पतला करने के लिठजाना जाता है। मगर लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं, इसलिठये घाव को इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचाता है और बहते खून को रोकता है। इसके अलावा लहसà¥à¤¨ में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• गà¥à¤£ à¤à¥€ होते है, इसलिठये दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ कम करता है। अगर आपने हाल में कोई सरà¥à¤œà¤°à¥€ करवाई है, तो अपने रोजाना के खाने में लहसà¥à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ा दें। लहसà¥à¤¨ आपके इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को à¤à¥€ मजबूत बनाता है, जिससे शरीर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² अटैक से बचा रहता है।
कैमोमाइल की चाय पिà¤à¤‚
कैमोमाइल टी पीने से नरà¥à¤µà¥à¤¸ रिलैकà¥à¤¸ होती हैं, इसलिठये सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ दूर करने के लिठजानी जाती है। मगर यदि आपको घाव या चोट है, तो à¤à¥€ कैमोमाइल की चाय आपके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद साबित हो सकती है। इसका कारण यह है कि इस चाय को पीने से इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा कैमोमाइल को दरà¥à¤¦, सूजन और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खतà¥à¤® करने के लिठà¤à¥€ जाना जाता है। चाय पीने के साथ-साथ आप चाहें तो इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठहà¥à¤ कैमोमाइल टी बैग को अपने घाव पर रखकर इसकी सिंकाई कर सकते हैं।
रोजाना पटà¥à¤Ÿà¥€ बदलें
घाव को जलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤–ाने और इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के बचाने के लिठजरूरी है कि आप अपने घाव की डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग रोजाना कराà¤à¤‚ यानी पटà¥à¤Ÿà¥€ रोजाना बदलें। इस दौरान साफ-सफाई का विशेष खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें। बेहतर होगा कि किसी पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हाथों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही आप घाव की मरहम-पटà¥à¤Ÿà¥€ करवाà¤à¤‚।
| --------------------------- | --------------------------- |